न्यूज़ डेस्क: शिवसेना संसदीय दल में आसन्न विभाजन के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में है जहां वह उद्धव ठाकरे गुट की ओर से 16 विधायकों के खिलाफ दायर की गई अयोग्यता संबंधी याचिका पर कानूनी रणनीति पर विचार करेंगे।
शिवसेना के ये 16 विधायक शिंदे गुट में शामिल हैं जिन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए ठाकरे गुट ने याचिका दायर की है। इस याचिका पर बुधवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होनी है। शिंदे यहां पार्टी के अपने खेमे में आए सांसदों से भी मुलाकात कर सकते हैं। इससे एक दिन पहले उन्हें ‘राष्ट्रीय कार्यकारिणी’ की बैठक में ‘प्रमुख नेता’ चुना गया था।
शिवसेना के, शिंदे गुट में आए सांसदों से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा,‘मैं यकीनन सांसदों से मुलकात करूंगा। 14 ही क्यों लोकसभा में हमारे 18 सदस्य हैं।’ दिल्ली की यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा वह उद्धव ठाकरे गुट की ओर से 16 विधायकों के खिलाफ दायर की गई अयोग्यता संबंधी याचिका पर कानूनी टीम के साथ विचार विमर्श करने के लिए आए हैं।
शिंदे अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण के मुद्दे पर भी कानूनी टीम से विचार विमर्श करेंगे। इस मामले पर भी उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होनी है। शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।’
माना जा रहा है कि शिवसेना का यह गुट लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला से मंगलवार को मुलाकात कर उन्हें निचले सदन में अलग दल के तौर पर मान्यता देने का अनुरोध कर सकता है।






