न्यूज़ डेस्क: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। हाल में ही उन्होंने ब्राह्मण समाज को लेकर अभद्र टिप्पणी कर दी थी जिसके बाद उनकी खूब फजीहत हुई थी। इसी को लेकर जीतन राम मांझी ने ब्राह्मण भोज की घोषणा की थी। हालांकि बाद में इसमें दलितों को भी शामिल कर दिया गया और इसका नाम ब्राह्मण-दलित महाभोज कर दिया। कुल मिलाकर देखें तो इस भोज के सहारे जीतन राम मांझी हाल में ही ब्राह्मणों के खिलाफ दिए अपने बयान पर शायद पश्चाताप करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यह बात भी सच है कि कई ब्राह्मण संगठन मांझी के इस महाभोज में शामिल होने से साफ तौर पर इंकार कर चुके हैं।
दरअसल, बताया जा रहा है कि मांझी ने इस भोज में शामिल होने के लिए ब्राह्मणों के समक्ष एक शर्त रखी है। उन्होंने अपने शर्त में कहा है कि उनके भोजन में वही ब्राह्मण शामिल हो सकते हैं जो कभी भी मांस मदिरा का सेवन ना किया हो और ना ही चोरी डकैती की हो। ब्राह्मण समाज इसे अपनी बेज्जती के तौर पर देख रहा है। यही कारण है कि कई ब्राह्मण संगठनों ने इस भोज में शामिल होने से साफ तौर पर इंकार कर दिया है। हालांकि, जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी ‘हम’ की ओर से इस खोज को भव्य बनाने के लिए खूब जमकर तैयारी की जा रही है।
यह है मेनू कार्ड
जीतन राम मांझी के दलित और ब्राह्मण भोज का आयोजन आज यानी कि 27 दिसंबर को किया जा रहा है। इस भोज में शामिल होने वाले लोगों को चूड़ा-दही, गुड और सब्जी परोसने की तैयारी है। इसके लिए मांझी ने विशेष तौर पर पश्चिम चंपारण के चनपटिया से चूड़ा मंगवाया है। इसके अलावा गया से तिलकुट भी मंगाया गया है। बिना लहसुन और प्याज की सब्जी की भी व्यवस्था की गई है।






