न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि को सरकार के एजेंडे में शामिल किया, यही वजह है कि किसान अब आत्महत्या नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यहां नाबार्ड द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में अपने संबोधन में हुए दावा किया ‘वर्ष 2014 से पहले किसान आत्महत्या कर रहे थे और उन्हें मजबूरन खेती-किसानी छोडऩी पड़ रही थी। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि प्रणाली को सरकार के एजेंडे में शामिल किया और इन्हीं प्रयासों की वजह से आज किसान डेढ़ गुना समर्थन मूल्य हासिल कर रहे हैं और अब कोई भी किसान आत्महत्या नहीं कर रहा है।’
उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है और सरकार ने गन्ना किसानों का रिकॉर्ड 1.45 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया है। योगी का कहना था कि पिछले चार वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश अर्थव्यवस्था के मामले में छठी पायदान से उठकर दूसरे स्थान पर आ गया है।
उत्तर प्रदेश में कोरोना लगभग खात्मे पर
योगी आदित्यनाथ ने रविवार को दावा किया कि राज्य में कोरोना संक्रमण अब लगभग खात्मे पर है। योगी ने गोरखपुर में 142 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 358 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में कहा ‘सभी के समन्वित प्रयासों की वजह से प्रदेश में कोरोना लगभग समाप्ति पर है।’ उन्होंने कहा ‘एक रिकॉर्ड कायम किया है।
प्रदेश के अस्पतालों में 180000 बेड तैयार हैं और हम देश के अग्रणी राज्यों के मुकाबले किसी भी तरह से कमजोर नहीं हैं। हमें विकास की इस सोच को आगे ले जाने की जरूरत है।’ योगी ने दावा किया कि विकास परियोजनाएं कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद न सिर्फ जीवन बल्कि आजीविका को बचाने के सरकार के प्रयासों की गवाह है।







