न्यूज़ डेस्क: आमतौर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की पहचान कट्टर हिन्दू और हिंदुत्व के रक्षक की है। उनका यही रूप बहुसंख्यक हिंदुओं को भाता भी है। वे जब मंच पर होते हैं तब उनके भाषण की शब्दावली और हाव-भाव में गजब का तेज होता है। उनका यही तेवर कुछ लोगों को डराता भी है। वे वर्ग विशेष के लोग होते हैं। दुर्भाग्यवश ऐसे कुछ अवांछनीय लोग जिनका राजनीति में अच्छा खासा दखल रहता है, अपने समाज को योगी से डराते हैं और उनके प्रति नफरत का भाव भरते हैं।
लेकिन अब शायद वर्ग विशेष के लोग अपने अंदर खुद समझने की कोशिश करने लगे हैं और उनमें योगी को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। योगी के बारे लोगों ने कहा कि कुछ भी हो, ऐसी कानून व्यवस्था पहले न थी। इसका फायदा हमें भी मिल रहा है। इस विशेष वर्ग के बहुतों से बहुत सारी बातें हुई लेकिन हम दो मुस्लिम युवाओं के विचार यहां रख रहे हैं जिन्होंने खुले मन से योगी को लेकर अपनी बात कही। माना कि मात्र दो मुस्लिम युवकों का विचार योगी के बारे में पूरे समाज के विचार का पैमाना नहीं हो सकता लेकिन उनके अंदर बदलाव की आहट तो है ही।
योगी हिंदू शक्ति पीठ गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं, गोरखपुर से लगातार पांच बार सांसद रहे और दो बार से यूपी जैसे बड़े राज्य के सफलतम मुख्यमंत्री हैं। योगी का कुछ रोज पहले का ही एक भाषण खूब सुर्खियों में रहा जिसमें उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप मुस्लिम समाज की बढ़ती आबादी पर उन्हें सचेत किया है। अल्फाज थोड़ा सख्त था। कई ने साफ कहा कि बात भले ही कड़वी हो, यह हमारे हित में ही है। जानकर हैरानी होगी कि योगी की बात का समर्थन करने वालों में ज्यादातर वे नौजवान थे जो इंजीनियरिंग, डॉक्टरी या अन्य कोई बड़ी शिक्षा क्षेत्र में है।
पूर्वांचल के जिले से जुड़े एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर खालिक रहमान ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर कुछ दिन खाड़ी देशों में नौकरी किया। अब गांव में रहकर मुस्लिम युवकों को टेक्निकल पढ़ाई के लिए जागरूक कर रहे हैं। वे योगी और भाजपा सरकार की ईमानदार सोच को अपने समाज तक पहुंचा रहे हैं। खालिक रहमान ने बड़ी शिद्दत से कहा, चाहे मुफ्त राशन हो, पीएमएसीएम आवास हो या किसान सम्मान निधि, एक भी मुसलमान बता दे कि यह लाभ उसे मुसलमान होने की वजह से नहीं मिल रहा।
सगीर भाई भी पूर्वांचल से हैं। उनका भी कहना है कि मुस्लिम समाज के लोग खुद को अब जेहनी तौर पर बदल रहे हैं। बातचीत के दौरान सगीर ने कहा कि योगी अपने दूसरे कार्यकाल में काफी लिबरल दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति की दृष्टि से मुसलमान इस्तेमाल होते रहें हैं। सगीर ने अफसोस जताया कि गोरखनाथ मंदिर के निकट के मुस्लिम बाहुल्य बूथ से उन्हें सिर्फ 9 वोट मिला, बावजूद इसके योगी जी ने कोई अफसोस नहीं जताया और न ही उनके मन में कोई द्वेष भाव उपजा। इतना बड़ा दिल किसी योगी का ही हो सकता है। अब हमें अपना बड़ा दिल दिखाना होगा।






