न्यूज़ डेस्क: नोएडा के सेक्टर-50 में रहने वाले एक पूर्व आईपीएस यूपी पुलिस में डीजी अभियोजन के पद से रिटायर्ड अधिकारी आरएन सिंह के घर में शनिवार से आयकर विभाग की चल रही छापेमारी में मंगलवार रात तक पांच मिले संदिज्ध लॉकर्स में से छह करोड़ रुपये की नकदी व तीन करोड़ रुपये कीमत के आभूषण बरामद हुए है। जिन व्यक्तियों ने निजी तौर पर किराए पर लॉकर्स लिए थे।
आयकर विभाग ने उनसे सम्पर्क साधा है। उन सभी ने लॉकर्स किराए पर लेने से साफ इंकार करते हुए बरामद नकदी से एक तरह से अपना पल्ला झाड़ लिया है। बरामद रकम सरकारी खाते में जमा होगी। वहीं दूसरी ओर राम नारायण सिंह ने कहा कि मैं सेवानिवृत्त आईपीएस हूं। पुलिस सेवा में रह चुका हूं। पिछले 5 वर्षों से हम यह कारोबार कर रहे हैं। हम लॉकर्स किराए पर देते हैं। शहर के बैंकों के मुकाबले अच्छी सेवाएं दे रहे हैं। जिस तरह बैंक किराए पर लॉकर देते हैंए उसी तरह हम भी लॉकर शहर के लोगों के किराए पर देते हैं। यह पूरी तरह कानूनी काम है। इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार नोएडा सेक्टर.50 के इस घर में राम नारायण सिंह का बेटा सुयश और उसका परिवार रहता है। पूर्व आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी मिर्जापुर में रहते हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी मानसम नामक कंपनी चलाते है। जिसमें बैंक लॉकर्स की तरह ही निजी तौर पर सेफ्टी वॉल्ट (लॉकर्स) किराए पर देते है। यह कंपनी उनकी पत्नी आपरेट करती है।
आयकर विभाग की टीम ने पूर्व आईपीएस अधिकारी सिंह के घर के बेसमेंट में बने लॉकर्स में भारी मात्रा में ब्लैक मनी रखे जाने की जानकारी आयकर विभाग के अधिकारियों को मिली थी। इस जानकारी पर शनिवार को आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की थी।
आयकर की टीम जब घर के अंदर पहुंची तो बेसमेंट के अंदर लगभग 600 प्राइवेट लॉकर मिले। इसमे से पांच संदिग्ध थे। इसके लिए सोमवार रात ताला खोलने वाले लोगों को बुलाया गया था। जिन्होंने तीन लॉकर्स खोले थे। जिनमें रखे करोड़ो रुपये व आभूषण बरामद हुए। दो लॉकर्स को खोलने के लिए गैस कटर का सहारा लिया गया।
मंगलवार देर रात तक आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक छह करोड़ रुपये की नकदी व तीन करोड़ रुपये कीमत के जेवरात बरामद हो चुके थे। नोटों की गिनती करने के लिए नोट गिनने वाली मशीन मंगानी पड़ी। यह लॉकर सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के एक नामी चार्टड अकांटेंट, गाजियाबाद के दो बिल्डर और एक तम्बाकू कंपनी के मालिक के बताए गए है। जिन्हें विभाग पूछताछ के लिए नोटिस जारी करेगा।







