न्यूज़ डेस्क: बजट सत्र की शुरूआत में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि उत्पन्न वैश्विक महामारी का ये तीसरा वर्ष है, इस दौरान हमने भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को और मजबूत होते देखा है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कोरोना वायरस महामारी के मुकाबले के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते कहा कि भारत ने रिकॉर्ड समय में कोविड रोधी टीकों की 150 करोड़ खुराक लगाईं और वह सर्वाधिक टीकाकरण करने वाले अग्रणी देशों में शामिल हो गया है।
संसद के बजट सत्र के पहले दिन केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा, ‘हमने रिकॉर्ड समय में कोविड रोधी टीकों की 150 करोड़ खुराक लगाईं।’ उन्होंने यह भी कहा कि कोविड टीके की दूसरी खुराक 70 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों को लगा दी गयी है और भारत सर्वाधिक टीकाकरण करने वाले अग्रणी देशों में शामिल हो गया है।
उन्होंने देश के सभी नागरिकों को नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की सरकार की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘हर घर जल’ योजना के तहत छह करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। राष्ट्रपति ने पिछले एक वर्ष में कृषि क्षेत्र में हुए विकास का श्रेय देश के छोटे किसानों को दिया जो देश के किसानों का 80 प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बावजूद किसानों ने 2020-21 में 30 करोड़ टन खाद्यान्न का उत्पादन किया। उन्होंने कहा कि देश का कृषि निर्यात 2020-21 में 25 प्रतिशत बढ़कर तीन लाख करोड़ रूपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि मैं देश के उन लाखों स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और भारत को उसके अधिकार दिलाए। आजादी के इन 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने वाले सभी महानुभावों का भी मैं श्रद्धा-पूर्वक स्मरण करता हूं।
राष्ट्रपति ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत के सामर्थ्य का प्रमाण वैक्सीनेशन प्रोग्राम में नजर आया है। हमने एक साल से भी कम समय में 150 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन डोज लगाने का रिकॉर्ड पार किया। आज हम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज देने वाले अग्रणी देशों में से एक हैं।







