न्यूज़ डेस्क: वन नेशन-वन राशनकार्ड के तहत केंद्र सरकार द्वारा देश के किसी भी कोने में राशन लेने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है लेकिन इस योजना ने कुछ ऐसे लोगों की पोल खोलकर रख दी है जो दो राज्यों में राशन का लाभ ले रहे थे। नेशनल इंर्फोमेशन सेंटर (एनआईसी) ने ऐसे राशनकार्डधारियों की पोल खोल दी है। हैरानी की बात यह है कि पूरे देश में ऐसे 85,20,010 लाभार्थी सामने आएं है जिनका दो राज्यों में राशन है। वहीं दिल्ली में भी एनआईसी ने 5,42,550 लाभार्थियों की संख्या बताई है। अब इस मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशनकार्डधारियों का ब्यौरा एकत्र करने का आदेश जारी किया है जो दो राज्यों में राशन का लाभ ले रहे हैं।
नवंबर तक के एनआईसी ने दिए हैं आंकडे
बता दें कि एनआईसी ने पूरे देश में राज्यवार रिपोर्ट जारी की है, जिसमें किस राज्य में कितने लोग दो जगह राशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं उनका आंकडा दिया गया है। पूरे देश में इंट्रा स्टेट लाभ लेने वाले 28 लाख 38 हजार 126 लाभार्थी हैं जबकि इंटर स्टेट लाभ ले रहे 56 लाख 81 हजार 884 लोगों का आंकडा एनआईसी ने दिया है। यानि पूरे देश में 85 लाख 20 हजार 10 लोग दो जगह राशन का लाभ ले रहे थे जो वन नेशन-वन राशनकार्ड योजना को आधार कार्ड से लिंक करने के चलते सामने आए हैं। यही नहीं दिल्ली में इंटर स्टेट 5 लाख 42 हजार 550 लाभार्थियों का आंकडा एनआईसी ने दिया है। यह आंकडा एनआईसी ने नवंबर 2020 तक दिया है। जिसके बाद दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर फिजिकली ऐसे लाभार्थियों की सूचना एकत्र करने को कहा है जो दो राज्यों में राशन का लाभ ले रहे हैं।
30 दिसंबर तक देनी होगी रिपोर्ट
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने प्रत्येक सर्किल के फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर (एफएसआई) को निर्देश दिया है कि वो आईएमपीडीएस पोर्टल से तैयार किए गए आईटी डिवीजन द्वारा प्रदान की गई सर्किल वार सूची के अनुसार सभी ऐसे लाभार्थियों का फील्ड सत्यापन करेंगे। इस दौरान लाभार्थियों से फॉर्म भरवाया जाएगा, जिसमें वो एक राज्य से राशन लेने की अपनी सभी जानकारी देंगे। फॉर्म भरकर फूड एंड सप्लाई ऑफिसर (एफएसओ) को अग्रेषित किया जाएगा और उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। ये सारी रिपोर्ट बनाकर प्रत्येकर सर्किल को 30 दिसंबर तक देनी होगी।
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जाने दो राज्यों में राशन लेने वालों का राज्यवार आंकडा :
बिहार-7,72,088
महाराष्ट्र-6,13,840
राजस्थान-5,00,080
उत्तर प्रदेश-12,51,592
वेस्ट बंगाल-18,17,919
झारखंड-2,67,599
हरियाणा-2,75,327
पंजाब-2,02,373







