न्यूज़ डेस्क: देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ आर्मी डिफेंस) व पूर्व सेनाध्यक्ष उत्तराखंड निवासी जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद होने से उत्तराखंड सहित टिहरी जिले में शोक की लहर छा गई। उनकी काबिलियत को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सीडीएस का पद स्थापित किया था।
जनरल रावत सेवाकाल में एक ही बार टिहरी आए थे। 3 नवम्बर 2019 को उत्तराखंड सरकार ने रैबार-2 ‘आवा अपणु घौर’ कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया था। 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन योजना के तहत चयनित टिहरी बांध की झील परिक्षेत्र कोटी कालोनी में हुए इस कार्यक्रम में जनरल रावत ने बतौर थल सेनाध्यक्ष यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र रावत समेत अनेक हस्तियों के साथ उत्तराखंड के भविष्य पर मंथन किया था।
जनरल रावत ने उस कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, विभिन्न युद्ध में शहीद हुए सैनिक परिजनों को सरकार की ओर से चेक और शॉल भेंट कर सम्मानित किया था। उक्त कार्यक्रम में जनरल रावत ने करीब आधा घंटे तक प्रतिभाग किया था। उनका कहना था कि उत्तराखंड विकट भौगोलिक परिस्थितियों का प्रदेश है।
अलविदा बिपिन रावत : उत्कृष्ट, स्पष्टवादी, निडर सैन्य कमांडर
यहां की सीमाएं चीन और नेपाल से लगी हुई हैं। कहा था कि उत्तराखंड सैनिक प्रदेश है। यहां से देश से सबसे ज्यादा रणबांकुरे मिले हैं। सामरिक महत्व को देखते हुए सीमाओं पर कनेक्टिविटी और संचार सुविधाएं बढ़ाई जाएं। सरकार ने भी ऑल वेदर सहित बद्रीनाथ और माणा क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी की शुरूआत की थी। जनरल रावत की हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई दुखद मौत पर जिलेभर में शोक की लहर छा गई।
तमिलनाडु में कुन्नूर के समीप बुधवार को हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में भारत के प्रथम प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य लोगों की मृत्यु हो गई। यह जानकारी भारतीय वायुसेना ने दी। वायुसेना के अनुसार दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति, ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह का फिलहाल वेलिंगटन में सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष सुबह 8:47 बजे पालम एयरबेस से भारतीय वायुसेना के एम्बरर विमान से रवाना हुए थे और सुबह 11:34 बजे सुलुर एयरबेस पर पहुंचे। सुलुर से उन्होंने एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर से करीब 11:48 बजे वेलिंगटन के लिए उड़ान भरी। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर दोपहर 12:22 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर रहते हुए छह साल पहले 2015 में जनरल रावत एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में बाल- बाल बच गए थे।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष को वेलिंगटन स्थित डिफेंस र्सिवसेज स्टाफ कॉलेज में व्याख्यान देना था। दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों में ब्रिगेडियर एल. एस. लिद्दर,सीडीएस के सैन्य सलाहकार एवं स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह शामिल हैं। अन्य कर्मियों में शामिल हैं…विंग कमांडर पी. एस. चव्हाण, स्क्वाड्रन लीडर के. सिंह, जेडब्ल्यूओ दास, जेडब्ल्यूओ प्रदीप ए., हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेन्द्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक सई तेजा।
प्राप्त सूचना के अनुसार, सुरक्षा पर प्रधानमंत्री नीत कैबिनेट कमेटी की आज शाम बैठक हुई, जिसमें जनरल रावत को श्रद्धांजलि दी गई। इस संबंध में फिलहाल कोई सूचना नहीं है कि सरकार तत्काल नये प्रमुख रक्षा अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि जनरल रावत और उनकी पत्नी का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार शाम राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की संभावना है तथा उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को दिल्ली कैंट में होगा।







