न्यूज़ डेस्क: देश भर में आज कार्तिक पूर्णिमा मनाई जा रही है. जगह-जगह घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. वहीं कानपुर घाट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली यहां पर लोगों ने कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धा की डुपकी लगाई और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया. मान्यता है कि इस दिन व्रत, पूजा-पाठ, दान-पुण्य करने का बहुत महत्व है.
कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजा भी की जाती है, देव दिवाली भी मनाई जाती है. इस साल इस खास मौके पर चंद्र ग्रहण भी लग रहा है. चूंकि धर्म और ज्योतिष में ग्रहण को बहुत अशुभ माना गया है, ऐसे में सवाल उठता है कि कार्तिक पूर्णिमा 2021 के महत्वपूर्ण व्रत-पूजा आदि को लेकर क्या करें. ग्रहण के दौरान दान-पुण्य करें या न करें.
वहीं आज सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण भी है. 19 नवंबर 2021 को लग रहा चंद्र ग्रहण कोई छोटा-मोटा नहीं बल्कि यह सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ग्रहण करीब साढ़े 3 घंटे तक चलेगा. हालांकि यह आंशिक चंद्र ग्रहण है और धर्म-ज्योतिष के मुताबिक ऐसे ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होता है.
ऐसे ग्रहण में सूतक के नियमों का पालन नहीं करना होता है. लिहाजा चंद्र ग्रहण होने के बाद भी आज कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान-दान-पुण्य, पूजा-पाठ आदि बिना किसी बाधा के किए जा सकेंगे. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि, कार्तिक पूर्णिमा पर इस चंद्र ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
कार्तिक पूर्णिमा के दिन लग रहे चंद्र ग्रहण को आंशिक चंद्र ग्रहण के रूप में देखा जा रहा है, जिसे उपच्छाया ग्रहण भी कहा जाता है. यह ग्रहण भारत में केवल असम और अरुणाचल प्रदेश में ही दिखाई देगा. हालांकि यह ग्रहण दुनिया के कई देशों में दिखाई देगा.







