न्यूज़ डेस्क: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने रविवार को अपने 52वें दीक्षांत समारोह में 2,000 से अधिक छात्रों को डिग्री प्रदान की। साथ ही विशिष्ट पूर्व छात्रों को उनके संबंधित क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आईआईटी दिल्ली के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र तथा फैबल के संस्थापक एवं सीईओ पद्मश्री वॉरियर दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। जिसमें उन्होंने कहा कि हम जिस भविष्य में रहेंगे, उसकी योजना और निर्माण आपके द्वारा किया जाएगा। दुनिया के शीर्ष प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक से स्नातक होने वाले प्रौद्योगिकीविदों के रूप में, आपको खुद से पूछना चाहिए आप क्या बनाएंगे और प्रौद्योगिकी की शक्ति के साथ आप हमें भविष्य में कैसे ले जाएंगे? प्रौद्योगिकी ने हमेशा हमारे समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भविष्य की योजना और निर्माण छात्रों द्वारा किया जाएगा तय : पदमश्री वॉरियर
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग एक महान कौशल है यदि आप समस्या समाधान क्षमताओं के बारे समझ जाते हैं तो आप किसी भी उद्योग की किसी भी भूमिका में सफल हो सकते हैं। यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। आखिर में छात्रों को ग्रेजुएट होने की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि आपके पैर जमीन पर और इरादे आसमान की तरह ऊं चे होने चाहिए। संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन डॉ. राज गोपाला चिदंबरम ने कहा कि हमारे सपनों का भारत आप जैसे युवाओं का भारत है। हमारे पास विश्व स्तरीय संकाय और अग्रणी शोधकर्ता हैं।
छात्रों में जोखिम लेने की क्षमता होनी चाहिए : डॉ. राज गोपाला चिदंबरम
उन्होंने छात्रों से कहा कि आपमें जोखिम लेने की क्षमता होनी चाहिए। संस्थान के द्वारा 18 महीनों में 1400 से अधिक पाठ्यक्रमों को डिजिटलीकृ त करने पर उन्होंने सराहना की। संस्थान के निदेशक प्रो. राव ने इस मौके पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। दीक्षांत समारोह में आईआईटी दिल्ली ने पूर्व छात्रों को विशिष्ट अलुमनी पुरस्कार, अंतिम दशक पुरस्कार और विशिष्ट अलुमनी सेवा पुरस्कार प्रदान किया। संस्थान के 52वें दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक कार्यक्रमों के कुल 843 छात्रों, स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के 986 छात्रों और 288 पीएचडी छात्रों को डिग्री प्रदान की गई।







