न्यूज़ डेस्क: महज 4 दिनों के भीतर दो मासूम दलित बच्चियों से रेप की दर्दनाक वारदात के बाद गृह मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली कैंट के नांगल इलाके में 9 साल की बच्ची और मयूर विहार में मंगलवार को हुई 6 साल की बच्ची से रेप मामले में रिपोर्ट भी तलब की है साथ ही पुलिस को निर्देशित किया है दोनों मामले में 30 दिनों के भीतर चार्जशीट कोर्ट में जमा करें।
एकाएक बढ़े क्राइम और राजधानी में हो रहे प्रदर्शन के चलते गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की,जिसमें मयूर विहार और दिल्ली कैंट में हुई बच्चियों के साथ दुष्कर्म पर समीक्षा की। इस बैठक में कहा गया कि केस दर्ज होने के 30 दिनों के अंदर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जाए ताकि जल्द से जल्द सुनवाई शुरू हो सके। दोनों की मामलो की दिल्ली की फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में सुनवाई होगी।
दोनों रेप मामले में गृह मंत्रालय को दिया गया अपडेट
गृह मंत्रालय को दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र में दुष्कर्म व हत्या मामले में बच्ची के शव के बचे हुए अवशेष का पुराना नांगलराया स्थित श्मशान भूमि पर अंतिम संस्कार किया गया है साथ ही उसके सभी नमूनों को गुजरात के गांधीनगर की फोरेंसिक लैब में भेजा गया है साथ ही आरोपियों की मनोवैज्ञानिक तरीके से बयान लिए जा रहें है ताकि ट्रायल के दौरान आरोपी बच न सके। इसके अलावा मयूर विहार प्रकरण में बच्ची की हालत अब ठीक है,जबकि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। दोनों ही क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से सुरक्षा बल भी लगाया गया है।
दिल्ली पुलिस में फेरबदल,दिए गए संकेत
बताया जाता है कि पुलिस आयुक्त समेत गृह मंत्रालय दिल्ली पुलिस के कई शीर्ष अधिकारियों की कार्यशैली से बेहद नाखुश हैं। गुरुवार की इस बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक कई जिलों के डीसीपी स्तर के अधिकारियों ने आम जनता से मिलना छोड़ दिया है साथ ही मौजूदा समय में घटनाओं को छिपाने में लगी है जिससे छवि छूमिल होती है। यही नहीं ये भी पाया गया है कि कई अधिकारी केवल सोशल मीडिया पर ही सक्रिय हैं जबकि जमीनी स्तर पर वे मौके पर जाने से भी कतराते हैं। नतीजतन 15 अगस्त के बाद दिल्ली पुलिस में शीर्ष स्तर पर बड़े फेरबदल की संभावना जताई गई है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक के बाद पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने भी सभी डीसीपी स्तर के अधिकारियों को मुस्तैद रहने की हिदायत दी है और हर घटित घटना की जानकारी सचिवालय को अपडेट के साथ देने के लिए कहा है। यही नहीं सभी को निर्देशित किया गया है कि घटित हर घटना को दर्ज किया गया और इस मामले में जो भी लापरवाही बरते तत्काल उसे सस्पेंड किया जाए।







