बड़हलगंज(संतोष जायसवाल) : जीवन के अंतिम सत्य महाकाल की धरती “मुक्तिपथ” (श्मशान) पर श्मशान के अधिष्ठाता भगवान काल भैरव की प्रतिमा तीन दिन तक चले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पूरे विधि विधान से स्थापित हो गयी। आपको बता दें कि मुक्तिपथ परिक्षेत्र में श्मशान के अधिष्ठाता भगवान कालभैरव की पूर्व स्थापित प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के जाने के कारण विद्वान धर्माचार्यों की सलाह पर “मुक्तिपथ सेवा संस्थान” द्वारा खण्डित प्रतिमा के स्थान पर भगवान कालभैरव की नवीन प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
श्रावण मास में शुभमुहूर्त्त के दौरान आचार्य मनमोहन तिवारी के नेतृत्व में गाजीपुर से पधारे पाँच ब्राह्मण विद्वानों द्वारा मुक्तिपथ पर विगत 29 जुलाई से भगवान कालभैरव की नवीन प्राणप्रतिष्ठा का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस देव आवाहन, पूजन संकल्प आदि कार्यक्रमों के पश्चात दूसरे दिन मूर्ति प्राणप्रतिष्ठा का संस्कार सम्पन्न हुआ जिसके अंतर्गत जलाधिवास, अन्ना दिवस, वस्त्राधिवास, दुग्धाधिवास फलाधिवास, मिष्टानधिवास, शैय्याधिवास आदि संस्कारों के पश्चात प्राणप्रतिष्ठा संस्कार सम्पन्न हुआ और तीसरे दिन भगवान कालभैरव की प्रतिमा अपने स्थान पर विधिवत विधिविधान के पश्चात स्थापित की गयी।
प्राणप्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान के रूप में पूजन कार्य जनसेवा संस्था व ग्रापये गोरखपुर के मण्डल महामन्त्री संतोष जायसवाल के साथ मुक्तिपथ महासचिव लक्ष्मीनारायण गुप्त, कोषाध्यक्ष महेश उमर ने मुक्तिपथ के संस्थापक अध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी के दिशानिर्देशन पर सम्पन्न कराया। कार्यक्रम में सुनील उर्फ बबलू मद्धेशिया, लल्ला पाण्डेय, कन्हैया मोदनवाल, भोलू शर्मा, सत्यप्रकाश पाल, सूरज पाल, प्रकांत उमर, प्रीति उमर, अनोखी, आकांक्षा, अमन, सुमित निगम आदि ने सहयोग प्रदान किया।







