न्यूज़ डेस्क: पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई चूक की जांच के लिए गुरुवार को उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया. समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मेहताब सिंह गिल, प्रमुख सचिव (गृह मामलों) और न्यायमूर्ति अनुराग वर्मा शामिल होंगे और 3 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. वहीं, अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.
उधर, पीएम की सुरक्षा में सेंध को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई एनवी रमना के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जांच की मांग की है. कोर्ट ने सिंह से आज केंद्र और पंजाब सरकार को इस याचिका की एक प्रति भेजने के लिए कहा है.
पंजाब के दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में बुधवार को उस वक्त ‘‘गंभीर चूक’’ की घटना हुई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया जहां से उन्हें गुजरना था. प्रधानमंत्री इस व्यवधान के कारण एक फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक फंसे रहे. इसके बाद प्रधानमंत्री रैली सहित किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से दिल्ली लौट गए.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को तत्काल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि उसने सुरक्षाकर्मियों की आवश्यक तैनाती सुनिश्चित नहीं की. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही पूरी तरह से अस्वीकार्य है और जवाबदेही तय की जाएगी.
हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस बात से इनकार किया कि कोई सुरक्षा चूक हुई या इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद था. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जांच के लिए तैयार है.







