न्यूज़ डेस्क: एक साल और 13 दिनों के आंदोलन के बाद आखिरकार कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग के साथ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। ऐलान के साथ ही दिल्ली के पास सिंघू बॉर्डर पर लगे किसानों के टेंट हट गए। किसानों के साल भर तक चले विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद से पूरे देश तमाम तरह की आशंकाएं और अनुमान जता रहा था कि किसान नेताओं का अगला कदम क्या होगा। क्या आगामी विधानसभा चुनाव में किसान नेताओं की भागीदारी को लेकर चल रही अटकलों के बीच किसान नेता का मिशन पंजाब शुरू हो गया है। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने अपना राजनीतिक दल बनाने का एलान कर दिया। गुरनाम सिंह ने साफ कर दिया है कि उनका मिशन पंजाब 2022 जारी रहेगा। उन्होंने कहा है कि वो पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
सभी सीटों पर लड़ने का ऐलान
चढ़ूनी ने कहा कि वो पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन उनकी पार्टी राज्य की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य राजनीति में शुचिता और अच्छे लोगों को आगे लाना होगा। इसके साथ ही चढ़ूनी ने कहा कि मॉडल प्रस्तुत करते हुए हरियाणा की भी तैयारी करेंगे।
चढ़ूनी संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य हैं जो 40 किसान संगठन से मिलकर बना है। किसान नेताओं ने आंदोलन के समाप्त होने के बाद अपनी आगे की योजनाओं के लिए अलग-अलग संकेत दिए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से साफ कहा गया है कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ स्थगित हुआ है। राकेश टिकैत ने कहा कि उनका संगठन बीकेयू आगामी चुनाव में “राजनीति की पार्टी नहीं बनेगा” और “किसी का समर्थन नहीं करेगा।







