न्यूज़ डेस्क: तमाम ऐसी उप जातियां हैं, जो अन्य पिछड़ा वर्ग OBC में आती हैं, लेकिन उन्हें 27 फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। ऐसी उप जातियों के लोगों के चेहरों पर जल्द मुस्कान खिल सकती है। उन्हें भी रिजर्वेशन का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। इसे बीजेपी चुनावी गेमचेंजर के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। साथ ही इसमें ओबीसी रिजर्वेशन को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है। बता दें कि यूपी में सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर इसी मुद्दे पर बीजेपी से अलग हुए थे। वह भी चार हिस्सों में ओबीसी रिजर्वेशन देने की मांग कर रहे थे।
ओबीसी जातियों की इन उपजातियों को रिजर्वेशन देने के लिए अलग-अलग वर्ग में रखने का फैसला रोहिणी आयोग जल्दी ही कर सकता है। माना जा रहा है कि इस साल दिसंबर में कार्यकाल खत्म होने से पहले ही रोहिणी आयोग की रिपोर्ट आ जाएगी। अगले साल यूपी समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में आयोग की रिपोर्ट को लागू करके बीजेपी इन जातियों के वोटों को अपनी तरफ खींच सकती है।
तमाम ऐसी उप जातियां हैं, जो अन्य पिछड़ा वर्ग OBC में आती हैं, लेकिन उन्हें 27 फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। ऐसी उप जातियों के लोगों के चेहरों पर जल्द मुस्कान खिल सकती है। उन्हें भी रिजर्वेशन का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। इसे बीजेपी चुनावी गेमचेंजर के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। साथ ही इसमें ओबीसी रिजर्वेशन को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है। बता दें कि यूपी में सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर इसी मुद्दे पर बीजेपी से अलग हुए थे। वह भी चार हिस्सों में ओबीसी रिजर्वेशन देने की मांग कर रहे थे।
ओबीसी जातियों की इन उपजातियों को रिजर्वेशन देने के लिए अलग-अलग वर्ग में रखने का फैसला रोहिणी आयोग जल्दी ही कर सकता है। माना जा रहा है कि इस साल दिसंबर में कार्यकाल खत्म होने से पहले ही रोहिणी आयोग की रिपोर्ट आ जाएगी। अगले साल यूपी समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में आयोग की रिपोर्ट को लागू करके बीजेपी इन जातियों के वोटों को अपनी तरफ खींच सकती है







