न्यूज़ डेस्क: कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए राहुल गांधी पर जारदार हमला बोला है। आजाद ने कहा कि पार्टी छोड़ने पर मुझे घरवालों ने मजबूर किया। उन्होंने कहा कि जहां घरवालों को लगे कि यह आदमी नहीं चाहिए तो अकलमंदी खुद घर छोड़ने में है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में राजनीतिक कौशल की कमी है और सियासत में एंट्री के बाद से ही कांग्रेस की यह स्थिति हुई है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी का भी कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होंने कहा, ‘आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी बेकार है।
सोनिया गांधी के दौर में सिर्फ CWC होती थी। लेकिन बीते 10 सालों में इसके 25 सदस्य हो गए हैं और 50 विशेष आमंत्रित सदस्य भी होते हैं।’ उन्होंने गांधी परिवार से अपने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी सबको साथ लेकर और सबकी सहमति से सियासत करने में यकीन करते थे। लेकिन राहुल गांधी के साथ ऐसा नहीं है।
आजाद ने पूछा कि जो शख्स अपनी स्पीच खत्म करने के बाद भरी सदन में पीएम मोदी से गले मिले, तो वे मिले हैं या मैं मिला हूं? आजाद ने कहा, ‘मैं कांग्रेस के लिए दुआ ही कर सकता हूं, लेकिन कांग्रेस मेरी दुआ से ठीक नहीं होगी उसके लिए दवा चाहिए। अभी उसका डॉक्टर कंपाउंडर है। अभी कांग्रेस को स्पेशलिस्ट की जरूरत है।’
कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पहले वे (जयराम रमेश) अपना DNA चेक करवाएं कि कहां के हैं और किस पार्टी से हैं, वह देखें कि उनका DNA किस-किस पार्टी में रहा है। बाहर के लोगों को कांग्रेस का अता-पता नहीं है। चापलूसी और ट्विट कर जिन्हें पद मिले अगर वे आरोप लगाएं तो हमें दुख होता है।






