न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में जहां सभी दल महीनों पहले से ही पूरे दम-खम से मैदान में जोर-आजमाइश में लगी हैं। हर किसी के जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर मायावती और उनकी पार्टी की उपस्थिति इस बार के चुनाव में नगण्य क्यों है? लेकिन तमाम उठाते सवालों के बीच आखिर बहनजी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के 25 दिन बाद आगरा में जनसभा को संबोधित किया। आगरा में बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपनी पहली रैली को संबोधित किया। मायावती ने कहा की भारतीय जनता पार्टी जातिवाद की राजनीति कर रही है। कांग्रेस गलत नीतियों की वजह से सत्ता से बाहर है। समाजवादी पार्टी पर भी उन्होंने जमकर प्रहार किया।
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर अकेले अपने बूते पर ही पूरी तैयारी व दमदारी के साथ साल 2007 की तरह फिर से अपनी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए लड़ रही है। मायावती ने कहा कि आपको बीजेपी जातिवादी, संकीर्ण, अहंकारी व तानाशाही वाले शासन से मुक्ति मिल सके। मायावती ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास और जनहित के लिए जो कार्य किए हैं वो किसी और पार्टी की सरकार ने नहीं किए। जो कार्य हमारी सरकार ने कार्य किए थे, ज्यादातर उन्हीं कार्यों के नाम बदलकर विरोधी पार्टियों की सरकारें फायदा उठाने में लगी हैं।
बसपा बोलने में कम और करने में ज्यादा विश्वास रखती
मायावती ने खुद की गैरमौजूदगी को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल पर कहा कि मीडिया के जो साथी पूछते हैं कि बहनजी कहां हैं? मैं कहना चाहती हूं कि बहनजी अपनी पार्टी को मजबूत करने में व्यस्त थीं। बसपा बोलने में कम और करने में ज्यादा विश्वास रखती है।
बहन जी की तो अभी ठंड ही नहीं गयी
अमित शाह ने बसपा सुप्रीमो पर तंज कसते हुए कहा था कि बहन जी की तो अभी ठंड ही नहीं गयी है। अरे चुनाव आ गया है, बहन जी थोड़ा बाहर भी आ जाओ। इसके साथ ही अमित शाह ने कहा ये सपा बसपा, सपा ये बुआ, बबुवा 15 साल राज किए, क्या हाल किए थे, उत्तर प्रदेश का लोग पलायन करने लगे थे, आज पलायन करने वाले पलायन कर गए।
प्रियंका ने भी उठाए थे सवाल
मायावती की गैरमौजूदगी पर यूपी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी हैरानी जताई थी। 23 दिसंबर को नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि सभी विपक्षी दलों के बीच कांग्रेस पिछले कुछ वर्षों से लोगों के मुद्दों को उठाने में सबसे आगे रही है। प्रियंका ने कहा कि इसके पीछे का कारण मेरी समझ से परे है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मायावती इतनी चुप क्यों हैं?







