न्यूज़ डेस्क: कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के खिलाफ वैक्सीन को सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है, इसलिए लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि वो कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवाएं. कोरोना वैक्सीन न सिर्फ कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाता है, बल्कि यह मौत के खतरे को भी कम करता है. वैसे देश में कोविड-19 वैक्सीनेशन (COVID-19 Vaccination) अभियान जोरों पर है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द बच्चों को भी कोरोना की वैक्सीन मिल सकती है. इस बीच खबर है कि जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) ने भारत में 12-17 आयुवर्ग पर कोविड वैक्सीन ट्रायल (COVDI Vaccine Trial) की अनुमति मांगी है.
कोरोना के खिलाफ बच्चों के लिए वैक्सीन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जॉनसन एंड जॉनसन ने 12-17 वर्ष की आयु के किशोरों पर भारत में अपने COVID-19 वैक्सीन का अध्ययन करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organization) (CDSCO) को एक आवेदन देकर इसके लिए अनुमति मांगी है.
भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर की बात करें तो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 36,571 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि कुल 3,63,605 मामले अब भी सक्रिय हैं. मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 97.54 फीसदी हो गई है. गौरतलब है कि वैक्सीनेशन को इस घातक वायरस के खिलाफ सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है. जॉनसन एंड जॉनसन के आवेदन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बच्चों और किशोरों को भी वैक्सीन मिल सकेगी.







